Jokes Zone

एक लडकी एक लडका एक दुसरे को

 बहुत प्यार करते थे, ❤

.

लडकी ने लडके को देखा था पर

 लडके ने लडकी को नही देखा था.
वो ऑनलाइन ही बात करत थे..

एक बार दोनो ने मिलने के बारे मे सोचा

 और दिन और समय तय किया.
लडका बोला मैनै तुम्हे देखा

 नही है तो पहचानूँगा कैसै…??

 .

लडकी बोली मै सफेद ड्रेस मे और हाथ में एक लाल

 गुलाब का फूल लेकर आऊँगी…

 .

लडका अगले दिन सुबह खुश होकर उस लडकी से

 मिलने गया.. .

पर उसने वहाँ जा कर देखा कि

 एक बूढी औरत सफेद ड्रेस में हाथ में लाल गुलाब लिए

 खडी थी.

 .

लडका एक पल के लिए चौँक गया

 उस बूढी औरत को देख कर पर लडके ने उस बूढी औरत से जाकर कहा

I Love U मै ही हूँ वो जिसने

 तुमसे मोहब्बत की है… ❤

.

तभी वो औरत बोली लेकिन मै वो नही हुँ..!!

जिसने तुमसे मोहब्बत कि है.

वो तो उस पेड के पीछे खडी है…
लडकी लडके के पास आई और बोली अगर मै ये

 होती तो भी तुम मुझे प्यार करते…

 .

लडके ने कहा मैंने तुमको चाहा है

 तुम्हारी खूबसूरती को नही

 मैनै अपने ख्यालो मै तुमको पाया है,

तुम्हारी तस्वीर को नही,

मेरी हर धडकन हर साँस पर तुम्ही हो

 तुम्हारा रूप नही मुझे कोई फर्क नही पडता इस

 बात से तुम कौन हो क्या हो…कैसी हो…

मै तो बस इतना जानता हूँ,.

 .

तुम वो जिसको मेरे दिल ने प्यार किया है…

तुम वो हो जिसे मेरी आँखों ने नही मेरे दिल ने पसंद किया है…

 .

और बूढ़ा तो हम दोनों को ही होना है एक दिन इसका मतलब ये तो नही तब हमारे बीच प्यार नही होगा….

 .

ये सुनकर लड़की की आँखों में आँसू आ गए और उसने उस लड़के को गले से लगा लिया…

To be updated on jokes and tech updates 

BOOKMARK OUR SITE: www.roshanditapri.in 
Like OUR FB PAGE: 

http://www.facebook.com/roshanditapri
*इस मैसेज को गौर से दो बार पढे!*
जिस दिन हमारी मोत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रह जाता है।
जब हम जिंदा होते हैं, तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है।
जब हम चले जाते है, तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।
एक चीनी बादशाह की मोत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया। विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा, मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ, अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।
*सीख?*

ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय।
• अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये।

• मँहगे फोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है।

• मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता।

• आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है।

• पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं।

• पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है।

• 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता।
*तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो!*

• स्वस्थ होने पर भी निरंतर चेक-अप करायें।

• प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें।

• जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें ।

• शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ।

• धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें।
*बेहतर जीवन जीयें!*

????

काबू में रखें – प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को!

काबू में रखें – खाना खाते समय पेट को!

काबू में रखें – किसी के घर जाएं तो आँखों को!

काबू में रखें – महफिल मे जाएं तो जबान को!

काबू में रखें – पराया धन देखें तो लालच को!

???

भूल जाएं – अपनी नेकियों को!

भूल जाएं – दूसरों की गलतियों को!

भूल जाएं – अतीत के कड़वे संस्मरणों को!

???

छोड दें – दूसरों को नीचा दिखाना!

छोड दें – दूसरों की सफलता से जलना!

छोड दें – दूसरों के धन की चाह रखना!

छोड दें – दूसरों की चुगली करना!

छोड दें – दूसरों की सफलता पर दुखी होना!

????

यदि आपके फ्रिज में खाना है, बदन पर कपड़े हैं, घर के ऊपर छत है और सोने के लिये जगह है, तो दुनिया के 75% लोगों से ज्यादा धनी हैं।
यदि आपके पर्स में पैसे हैं और आप कुछ बदलाव के लिये कही भी जा सकते हैं जहाँ आप जाना चाहते हैं, तो आप दुनिया के 18% धनी लोगों में शामिल हैं।
यदि आप आज पूर्णतः स्वस्थ होकर जीवित हैं, तो आप उन लाखों लोगों की तुलना में खुशनसीब हैं जो इस हफ्ते जी भी न पायें।
जीवन के मायने दुःखों की शिकायत करने में नहीं हैं, बल्कि हमारे निर्माता को धन्यवाद करने के अन्य हजारों कारणों में है!
यदि आप मैसेज को वाकइ पढ़ सकते हैं, और समझ सकते हैं, तो आप उन करोड़ों लोगों में खुशनसीब हैं जो देख नहीं सकते और पढ़ नहीं सकते।
अगर आपको यह सन्देश बार बार मिले, तो परेशान होने की बजाय आपको खुश होना चाहिए!
*धन्यवाद…*
मैंने भेज दिया, अब आपकी बारी है।

शायद 

      बहुत कम लोग 

       जानते होंगे की 

       प्रसाद का अर्थ 

        क्या होता है !!
                ???

           ?प्र – प्रभु  के?

          ?सा – साक्षात्?

            ?द – दर्शन?

                  ??
हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है 

और कोई भी अक्षर वैसा क्यूँ है 

उसके पीछे कुछ कारण है ,

अंग्रेजी भाषा में ये 

बात देखने में नहीं आती |

______________________

क, ख, ग, घ, ङ- कंठव्य कहे गए,

 क्योंकि इनके उच्चारण के समय 

ध्वनि 

कंठ से निकलती है। 

एक बार बोल कर देखिये |
च, छ, ज, झ,ञ- तालव्य कहे गए, 

क्योंकि इनके उच्चारण के 

समय जीभ 

तालू से लगती है।

एक बार बोल कर देखिये |
ट, ठ, ड, ढ , ण- मूर्धन्य कहे गए, 

क्योंकि इनका उच्चारण जीभ के 

मूर्धा से लगने पर ही सम्भव है। 

एक बार बोल कर देखिये |
त, थ, द, ध, न- दंतीय कहे गए, 

क्योंकि इनके उच्चारण के 

समय 

जीभ दांतों से लगती है। 

एक बार बोल कर देखिये |
प, फ, ब, भ, म,- ओष्ठ्य कहे गए, 

क्योंकि इनका उच्चारण ओठों के 

मिलने 

पर ही होता है। एक बार बोल 

कर देखिये ।

________________________
हम अपनी भाषा पर गर्व 

करते हैं ये सही है परन्तु लोगो को 

इसका कारण भी बताईये |

इतनी वैज्ञानिकता

दुनिया की किसी भाषा मे

नही है

जय हिन्द 

क,ख,ग क्या कहता है जरा गौर करें….

••••••••••••••••••••••••••••••••••••

क – क्लेश मत करो

ख- खराब मत करो

ग- गर्व ना करो

घ- घमण्ड मत करो

च- चिँता मत करो

छ- छल-कपट मत करो

ज- जवाबदारी निभाओ

झ- झूठ मत बोलो

ट- टिप्पणी मत करो

ठ- ठगो मत 

ड- डरपोक मत बनो

ढ- ढोंग ना करो

त- तैश मे मत रहो 

थ- थको मत

द- दिलदार बनो

ध- धोखा मत करो

न- नम्र बनो

प- पाप मत करो

फ- फालतू काम मत करो

ब- बिगाङ मत करो

भ- भावुक बनो

म- मधुर बनो

य- यशश्वी बनो

र- रोओ मत

ल- लोभ मत करो

व- वैर मत करो

श- शत्रुता मत करो

ष- षटकोण की तरह स्थिर रहो

स- सच बोलो
ह- हँसमुख रहो

क्ष- क्षमा करो

त्र- त्रास मत करो

ज्ञ- ज्ञानी बनो !!
कृपया इस ज्ञान की जानकारी सभी को अग्रेषित करें ।

?

 ?: मैडम ने हिंदी क्लास मैं पुछा –

गाली की परिभाषा बताओ …
स्टूडेंट बोला – अत्यधिक क्रोध आने पर शारीरिक

 रूप से हिंसा न करते हुए, मौखिक रूप से

 की गयी हिंसात्मक

 कार्यवाही के लिए चुने गए

 शब्दों का समूह , जिसके उच्चारण के पश्चात 

 मन को असीम शांति का अनुभव होता हैं , उसे

 हम गाली कहते हैं !!
मैडम बोली – आपके चरण कहाँ हैं प्रभु

???????

Haaaaaaaaaaaa

?बुड्ढा?बुड्ढी?की कहानी?

?एक बुड्ढा?आया?

?साथ में एक  बुढिया?लाया?

?होटल में जाकर वेटर?को बुलाया?

?दोनों??ने अपना अपना आर्डर मंगवाया?

?पहेले बुड्ढ़े?ने खाया

बुढिया?ने बिल?चुकाया ?

?फिर बुढिया?ने खाया

बुड्ढ़े ने बिल?चुकाया ?

?ये देख वेटर?का सीर चकराया??वो उनके??पास

आया और बोला?

?जब तुम दोनों??में इतना प्यार है?

?तो खाना?एक साथ क्यू नही खाया?

?इस पर बुड्ढ़े?ने फरमाया?

?”जानी तेरे सवाल तो नेक है

पर हमारे पास दांतों का सेट सिर्फ एक☝है?

???

?✏……….?मार्किट में नया है आगे भेजो
Is kavita ko sabhi groups me send karen please…..
☝एक बार इस कविता को 

?दिल से पढ़िये

?शब्द शब्द में गहराई है…
⛺जब आंख खुली तो अम्‍मा की

⛺गोदी का एक सहारा था

⛺उसका नन्‍हा सा आंचल मुझको

⛺भूमण्‍डल से प्‍यारा था
?उसके चेहरे की झलक देख

?चेहरा फूलों सा खिलता था

?उसके स्‍तन की एक बूंद से

?मुझको जीवन मिलता था
?हाथों से बालों को नोंचा

?पैरों से खूब प्रहार किया

?फिर भी उस मां ने पुचकारा

?हमको जी भर के प्‍यार किया
?मैं उसका राजा बेटा था

?वो आंख का तारा कहती थी

?मैं बनूं बुढापे में उसका

?बस एक सहारा कहती थी
?उंगली को पकड. चलाया था

?पढने विद्यालय भेजा था

?मेरी नादानी को भी निज

?अन्‍तर में सदा सहेजा था
?मेरे सारे प्रश्‍नों का वो

?फौरन जवाब बन जाती थी

?मेरी राहों के कांटे चुन

?वो खुद गुलाब बन जाती थी
?मैं बडा हुआ तो कॉलेज से

?इक रोग प्‍यार का ले आया

?जिस दिल में मां की मूरत थी

?वो रामकली को दे आया
?शादी की पति से बाप बना

?अपने रिश्‍तों में झूल गया

?अब करवाचौथ मनाता हूं

?मां की ममता को भूल गया
☝हम भूल गये उसकी ममता

☝मेरे जीवन की थाती थी

☝हम भूल गये अपना जीवन

☝वो अमृत वाली छाती थी
?हम भूल गये वो खुद भूखी

?रह करके हमें खिलाती थी

?हमको सूखा बिस्‍तर देकर

?खुद गीले में सो जाती थी
?हम भूल गये उसने ही

?होठों को भाषा सिखलायी थी

?मेरी नीदों के लिए रात भर

?उसने लोरी गायी थी
?हम भूल गये हर गलती पर

?उसने डांटा समझाया था

?बच जाउं बुरी नजर से

?काला टीका सदा लगाया था
?हम बडे हुए तो ममता वाले

?सारे बन्‍धन तोड. आए

?बंगले में कुत्‍ते पाल लिए

?मां को वृद्धाश्रम छोड आए
?उसके सपनों का महल गिरा कर

?कंकर-कंकर बीन लिए

?खुदग़र्जी में उसके सुहाग के

?आभूषण तक छीन लिए
?हम मां को घर के बंटवारे की

?अभिलाषा तक ले आए

?उसको पावन मंदिर से

?गाली की भाषा तक ले आए
?मां की ममता को देख मौत भी

?आगे से हट जाती है

?गर मां अपमानित होती

?धरती की छाती फट जाती है
?घर को पूरा जीवन देकर

?बेचारी मां क्‍या पाती है

?रूखा सूखा खा लेती है

?पानी पीकर सो जाती है
?जो मां जैसी देवी घर के

?मंदिर में नहीं रख सकते हैं

?वो लाखों पुण्‍य भले कर लें

?इंसान नहीं बन सकते हैं
✋मां जिसको भी जल दे दे

✋वो पौधा संदल बन जाता है

✋मां के चरणों को छूकर पानी

✋गंगाजल बन जाता है
?मां के आंचल ने युगों-युगों से

?भगवानों को पाला है

?मां के चरणों में जन्‍नत है

?गिरिजाघर और शिवाला है

?हर घर में मां की पूजा हो

?ऐसा संकल्‍प उठाता हूं

?मैं दुनियां की हर मां के

?चरणों में ये शीश झुकाता हूं…

     

जितना आप अपनी माँ को प्यार करते हैं उतना ही शेयर करें ।

???????????

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *